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Rashi Parivartan 2022 : मकर संक्रांति पर सूर्यदेव अपने पुत्र शनिदेव की राशि में करेंगे प्रवेश, पुण्य फल में वृद्धि करेगा इन चीजों का दान : Shivpurinews.in

ग्रहों में राजा की पदवी से सुशोभित सूर्य देव अपने स्वाभाविक संचरण के क्रम में 14 जनवरी 2022 दिन शुक्रवार को रात में 8:34 बजे अपने पुत्र शनि देव की पहली राशि मकर मे प्रवेश करेंगे और इसी के साथ अपनी उत्तरायण की यात्रा भी आरम्भ करेंगे।  मकर राशि में सूर्य देव 15 जनवरी की सुबह से 13 फ़रवरी 2022 दिन रविवार की सुबह 6:49 बजे तक लगभग एक महिने की यात्रा के लिए अपने पुत्र शनि देव की राशि मकर में पुत्र शनि देव के साथ ही गोचरीय संचरण करते रहेंगे। काशी से प्रकाशित पंचांग के आधार पर सूर्य की मकर राशि में संक्रांति रात में होने के कारण संक्रांति का पुण्यकाल अगले दिन 15 जनवरी दिन शनिवार को 40 घटी यानी 16 घण्टे तक मानी जाएगी अर्थात संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी 2022 दिन शनिवार को दिन में 12 बजकर 34 मिनट तक माना जायेगा और खिचड़ी का प्रसिद्ध पर्व हर्सोल्लास के साथ मनाया जाएगा एवं मकर संक्रांति का पवित्र स्नान दान मध्यान्ह काल 12:34 बजे तक किया जाएगा।

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मकर संक्रांति पर ग्रहों की स्थिति
इस दिन ग्रहों की स्थितियां परम पुण्य दायक बन रही है। जहां ग्रहों में न्यायाधीश की पदवी प्राप्त शनि देव अपनी स्वराशि मकर में पिता सूर्य देव एवं मित्र ग्रह बुध के साथ गोचर करेंगे,  मंगल अपनी राशि वृश्चिक में रूचक योग के साथ गोचर करते हुए अपना सम्पूर्ण शुभ प्रभाव प्रदान करेंगे, चन्द्रमा दिन में 10 बजे तक उच्च राशि वृष में रहकर इस पर्व की शुभता को बढ़ाएंगे वही देवगुरु बृहस्पति शनि देव की दूसरी राशि कुम्भ में स्वगृहाभिलाषी रहकर इस दिन के पुण्यफल को बढ़ाएंगे। इस प्रकार इस दिन शश एवं रूचक दो पंच महापुरुष योग संक्रांति के पुण्य फल में वृद्धि करेंगे। इस प्रकार ग्रहों द्वारा निर्मित अति सुंदर एवं पुण्यदायक योगों में होगा गंगा स्नान एवं मनाई जाएगी मकर संक्रांति।
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गंगा नदी सहित अन्यत्र नदी, तीर्थ ,सरोवर, सागर आदि में स्नान किया जाना इस दिन श्रेष्ठ फल प्रदायक होता है। शास्त्रों में इस दिन खिचड़ी खाने खिलाने एवं दान करने का परम पुण्य दायक विधान बताया गया है। इस दिन गौदान, तिल, गुण, ऊनी वस्त्र, शाल, कंबल, जूता, खाने पीने की वस्तु का दान परम पुण्यदायक माना जाता है। सूर्य के मकर राशि मे प्रवेश के साथ ही खरमास का समापन भी हो जायेगा। और विवाह आदि के लिए शुभ मुहूर्त्त मिलने लगेंगे। पुत्र की कामना से किया जाने वाला श्रेष्ठ व्रत शनि प्रदोष व्रत भी 15 जनवरी को ही किया जाएगा।  

इस दिन के पुण्य फल में वृद्धि के लिए किस लग्न के लोग क्या दानोपाय करें :-
मेष :- हरी मूँग या उरद एवं हरा वस्त्र का दान करें। 
वृष :- गाजर, चने की दाल का दान वस्तुओं के साथ करे।
मिथुन:- लाल मसूर की दाल के साथ अन्य दान करें।
कर्क:- काला तिल एवं हरी सब्जियों का धन अन्य दान के साथ करें।
सिंह :- काली उरद के साथ काला या दो रंगा कम्बल का दान अन्य दान के साथ करें।
कन्या:- गेरुआ वस्त्र, लाल मसूर की दाल अन्य दाल के साथ करें।
तुला :- चने की दाल, पिला वस्त्र का दान अन्य दान के साथ करें। 
वृश्चिक :- चने की दाल , काला वस्त्र का दान अन्य दान के साथ करें। 
धनु :- चावल, चीनी, सफेद वस्त्र का दान अन्य दान के साथ करें। 
मकर :- चने की दाल ,गुण एवं पीला वस्त्र का दान अन्य दान के साथ करें। 
कुम्भ :- चावल , चीनी एवं सफेद वस्त्र का दान अन्य दान के साथ करें। 
मीन :- काला तिल ,गुड़ एवं लाल वस्त्र का दान अन्य दान के साथ करें।

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