Tuesday, December 7, 2021
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गुरुद्वारे में अखंड पाठ समाप्ति पर लंगर का आयोजन : Shivpurinews.in

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वासुदेव तीर्थ मंदिर स्थित गुरूद्वारे में लंगर छकतीं महिलाएं।
– फोटो : JPNAGAR

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अमरोहा। सिखों के पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज के प्रकाशोत्सव पर्व पर श्रीवासुदेव तीर्थ स्थित गुरुद्वारे में दो दिन से चल रहे अखंड पाठ की समाप्ति पर लंगर का आयोजन किया गया। इस दौरान तमाम लोगों ने लंगर छका।
गुरुद्वारा में श्री गुरुग्रंथ साहिब पाठ और कीर्तन समापन पर बोलते हुए ज्ञानी जगवीर ने गुरु नानक देव के बारे में बताते हुए कहा कि 1469 में श्री गुरु नानक देव अवतरित हुए। उन्होंने अपना सारा जीवन संसार की सेवा में लगा दिया और पाखंड मिटाने के लिए चार उदासी (धर्म यात्रा) की। गुरु नानक देव जी ने एक ओमकार का मूल मंत्र संसार को दिया। जिसका मतलब है कि ऊपर वाला बस एक है। गुरुद्वारा साहिब में अटूट लंगर की सेवा हुई। पंजाबी महासभा ने चाय का लंगर लगाकर आपसी एकता का संदेश दिया।
इस मौके पर मुख्य रूप से प्रधान गुरेंद्र सिंह, मनजीत सिंह छाबड़ा, सुरजीत सिंह गांधी, चरनजीत सिंह, गुरुचरण सिंह, इंदरजीत सिंह, राजेंदर सिंह छाबड़ा, सतनाम सिंह बक्शी, सुरजीत सिंह, रोनक सिंह, रिकी होरा, परमजीत सिंह जीतू, प्रिंस होरा, सुमित कालरा, रविंद्र छाबड़ा आदि मौजूद रहे। संवाद

अमरोहा। सिखों के पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज के प्रकाशोत्सव पर्व पर श्रीवासुदेव तीर्थ स्थित गुरुद्वारे में दो दिन से चल रहे अखंड पाठ की समाप्ति पर लंगर का आयोजन किया गया। इस दौरान तमाम लोगों ने लंगर छका।

गुरुद्वारा में श्री गुरुग्रंथ साहिब पाठ और कीर्तन समापन पर बोलते हुए ज्ञानी जगवीर ने गुरु नानक देव के बारे में बताते हुए कहा कि 1469 में श्री गुरु नानक देव अवतरित हुए। उन्होंने अपना सारा जीवन संसार की सेवा में लगा दिया और पाखंड मिटाने के लिए चार उदासी (धर्म यात्रा) की। गुरु नानक देव जी ने एक ओमकार का मूल मंत्र संसार को दिया। जिसका मतलब है कि ऊपर वाला बस एक है। गुरुद्वारा साहिब में अटूट लंगर की सेवा हुई। पंजाबी महासभा ने चाय का लंगर लगाकर आपसी एकता का संदेश दिया।

इस मौके पर मुख्य रूप से प्रधान गुरेंद्र सिंह, मनजीत सिंह छाबड़ा, सुरजीत सिंह गांधी, चरनजीत सिंह, गुरुचरण सिंह, इंदरजीत सिंह, राजेंदर सिंह छाबड़ा, सतनाम सिंह बक्शी, सुरजीत सिंह, रोनक सिंह, रिकी होरा, परमजीत सिंह जीतू, प्रिंस होरा, सुमित कालरा, रविंद्र छाबड़ा आदि मौजूद रहे। संवाद

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