Tuesday, December 7, 2021
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मूलभूत सुविधाओं को तरस रहा 10 हजार आबादी वाला पतेई खालसा : Shivpurinews.in

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पतेई खालसा गांव में तालाब पर कब्जा।
– फोटो : JPNAGAR

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डिडौली। विकास खंड जोया का गांव पतेई खालसा में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। विकास के नाम पर दो करोड़ रुपये खर्च कर के पानी की टंकी का निर्माण करवाया गया, लेकिन छह साल बाद भी टंकी को चालू नहीं किया गया। ग्रामीण शुद्ध पानी के लिए तरस रहे हैं। गांव के लोग मुख्य रास्तों और गलियों में गंदगी, जलभराव से ग्रामीण परेशान हैं। सरकारी अस्पताल, तालाबों पर दबंगों ने कब्जे जमा रखे हैं। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ तक नहीं मिल पा रहा है। अधिकांश लोगों के राशन कार्ड तक नहीं बने हैं।
जनपद के विकास खंड जोया का गांव पतेई खालसा आबादी की आबादी करीब 10 हजार है। शुद्ध पेयजल के लिए दो करोड़ रुपये खर्च कर के पानी की टंकी का निर्माण करवाया गया था। लेकिन आज तक इस टंकी को चालू नहीं किया गया है। छह साल बाद भी ग्रामीणों को इस टंकी से पानी नहीं मिल पाया है। गंदा पानी मुख्य रास्तों के साथ ही गांव की छोटी-छोटी गलियों में फैला रहता है। गांव के तालाबों और मुख्य मार्ग के कुछ हिस्से पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है।
गांव का एकमात्र तालाब में भी गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई कर्मी समय से सफाई नहीं करते हैं। जिससे गंदगी से बीमारियां पनप रही हैं। महिला स्वास्थ्य केंद्र पर कब्जा कर दबंगों ने अपने घर का सामान रख लिया है, तो दूसरे स्वास्थ्य केंद्र का भी यही हाल है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत किसी गरीब को मकान नहीं मिला है, वृद्ध पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन भी नहीं मिल रही है। अधिकांश लोगों के राशन कार्ड तक नहीं बने हैं। कुछ दिन पहले पतेई खालसा की महिलाओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर राशन कार्ड बनवाने के लिए धरना भी दिया था।
पतेई खालसा ग्राम प्रधान माया देवी के पति रामौतार सैनी ने गांव में विकास का नहीं होने का ठीकरा अधिकारियों के माथे पर फोड़ दिया। उनका कहना है कि गांव में सफाई कर्मचारी उनकी बात नहीं सुनता है। कब्जा हटवाने के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा है। पानी की टंकी निर्माण में घटिया सामग्री लगाई है। जब भी पानी चलाने का प्रयास किया जाता है तो पानी लीक होने लगता है। मैैं काम करना चाहता हूं मगर कोई काम नहीं करने दे रहा है। अधिकारी सुनने को तैैयार नही है।
पूर्व प्रधान कुलवंत सिंह ने कहा कि गांव में विकास का गति बहुत धीमी है। गंदगी, जलभराव से ग्रामीण परेशान हैं। तालाबों पर कब्जे से जलभराव की समस्या बनी हुई है। सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
लोगों का क्या कहना है
सरदार बदन सिंह का कहना है कि गांव में साफ सफाई की समस्या है। सफाई कर्मचारी गांव में सफाई करने नहीं आता है। नाले चोक हैं, पशु बीमार हैं। पशुओं को खुरपका बीमारी के बचाव का टीका नहीं लगा है। गांव में फागिंग नहीं कराई गई। सरकारी नल पर दबंगों का कब्जा है।
समाजसेवी वेद प्रकाश का कहना है कि गांव में जल भराव सबसे बड़ी समस्या है। जिससे बीमारियां पनप रही हैं। सफाई नहीं होती है। ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे करके घर बनाए जा रहे हैं। बारात घर के सामने भी गंदगी पसरी हुई है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य एनएस भारती का कहना है कि दूषित पानी गांव की सबसे बड़ी समस्या है। दूषित पानी के कारण काला पीलिया, लिबर, किडनी, कैंसर जैसी भयानक फैल रही हैं। दो करोड़ खर्च होने के बाद भी ग्रामीणों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा।
निर्भय शर्मा का कहना है कि लाखों की लागत से बने बारात घर में गंदगी के कारण कोई बारात नहीं ठहराता। बारात घर में बिजली की समस्या है क्यों कि बिजली का सामान चोरी कर लिया गया है।
चंद्र पाल का कहना है कि तालाब गंदगी से अटे पड़े हैं। तालाबों व ग्राम समाज की जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। अधिकांश ग्रामीणों के राशन कार्ड नहीं बने हैं। शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।

पतेई खालसा गांव में पानी की टंकी।– फोटो : JPNAGAR

पतेई खालसा गांव में चौक पड़ा नाला।

पतेई खालसा गांव में चौक पड़ा नाला।– फोटो : JPNAGAR

कुलवंत सिंह पूर्व प्रधान पतेई खालसा

कुलवंत सिंह पूर्व प्रधान पतेई खालसा– फोटो : JPNAGAR

प्रधान पति रामौतार सिंह सैनी पतेई खालसा

प्रधान पति रामौतार सिंह सैनी पतेई खालसा– फोटो : JPNAGAR

डिडौली। विकास खंड जोया का गांव पतेई खालसा में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। विकास के नाम पर दो करोड़ रुपये खर्च कर के पानी की टंकी का निर्माण करवाया गया, लेकिन छह साल बाद भी टंकी को चालू नहीं किया गया। ग्रामीण शुद्ध पानी के लिए तरस रहे हैं। गांव के लोग मुख्य रास्तों और गलियों में गंदगी, जलभराव से ग्रामीण परेशान हैं। सरकारी अस्पताल, तालाबों पर दबंगों ने कब्जे जमा रखे हैं। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ तक नहीं मिल पा रहा है। अधिकांश लोगों के राशन कार्ड तक नहीं बने हैं।

जनपद के विकास खंड जोया का गांव पतेई खालसा आबादी की आबादी करीब 10 हजार है। शुद्ध पेयजल के लिए दो करोड़ रुपये खर्च कर के पानी की टंकी का निर्माण करवाया गया था। लेकिन आज तक इस टंकी को चालू नहीं किया गया है। छह साल बाद भी ग्रामीणों को इस टंकी से पानी नहीं मिल पाया है। गंदा पानी मुख्य रास्तों के साथ ही गांव की छोटी-छोटी गलियों में फैला रहता है। गांव के तालाबों और मुख्य मार्ग के कुछ हिस्से पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है।

गांव का एकमात्र तालाब में भी गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई कर्मी समय से सफाई नहीं करते हैं। जिससे गंदगी से बीमारियां पनप रही हैं। महिला स्वास्थ्य केंद्र पर कब्जा कर दबंगों ने अपने घर का सामान रख लिया है, तो दूसरे स्वास्थ्य केंद्र का भी यही हाल है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत किसी गरीब को मकान नहीं मिला है, वृद्ध पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन भी नहीं मिल रही है। अधिकांश लोगों के राशन कार्ड तक नहीं बने हैं। कुछ दिन पहले पतेई खालसा की महिलाओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर राशन कार्ड बनवाने के लिए धरना भी दिया था।

पतेई खालसा ग्राम प्रधान माया देवी के पति रामौतार सैनी ने गांव में विकास का नहीं होने का ठीकरा अधिकारियों के माथे पर फोड़ दिया। उनका कहना है कि गांव में सफाई कर्मचारी उनकी बात नहीं सुनता है। कब्जा हटवाने के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा है। पानी की टंकी निर्माण में घटिया सामग्री लगाई है। जब भी पानी चलाने का प्रयास किया जाता है तो पानी लीक होने लगता है। मैैं काम करना चाहता हूं मगर कोई काम नहीं करने दे रहा है। अधिकारी सुनने को तैैयार नही है।

पूर्व प्रधान कुलवंत सिंह ने कहा कि गांव में विकास का गति बहुत धीमी है। गंदगी, जलभराव से ग्रामीण परेशान हैं। तालाबों पर कब्जे से जलभराव की समस्या बनी हुई है। सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।

लोगों का क्या कहना है

सरदार बदन सिंह का कहना है कि गांव में साफ सफाई की समस्या है। सफाई कर्मचारी गांव में सफाई करने नहीं आता है। नाले चोक हैं, पशु बीमार हैं। पशुओं को खुरपका बीमारी के बचाव का टीका नहीं लगा है। गांव में फागिंग नहीं कराई गई। सरकारी नल पर दबंगों का कब्जा है।

समाजसेवी वेद प्रकाश का कहना है कि गांव में जल भराव सबसे बड़ी समस्या है। जिससे बीमारियां पनप रही हैं। सफाई नहीं होती है। ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे करके घर बनाए जा रहे हैं। बारात घर के सामने भी गंदगी पसरी हुई है।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य एनएस भारती का कहना है कि दूषित पानी गांव की सबसे बड़ी समस्या है। दूषित पानी के कारण काला पीलिया, लिबर, किडनी, कैंसर जैसी भयानक फैल रही हैं। दो करोड़ खर्च होने के बाद भी ग्रामीणों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा।

निर्भय शर्मा का कहना है कि लाखों की लागत से बने बारात घर में गंदगी के कारण कोई बारात नहीं ठहराता। बारात घर में बिजली की समस्या है क्यों कि बिजली का सामान चोरी कर लिया गया है।

चंद्र पाल का कहना है कि तालाब गंदगी से अटे पड़े हैं। तालाबों व ग्राम समाज की जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। अधिकांश ग्रामीणों के राशन कार्ड नहीं बने हैं। शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।

पतेई खालसा गांव में पानी की टंकी।

पतेई खालसा गांव में पानी की टंकी।– फोटो : JPNAGAR

पतेई खालसा गांव में चौक पड़ा नाला।

पतेई खालसा गांव में चौक पड़ा नाला।– फोटो : JPNAGAR

कुलवंत सिंह पूर्व प्रधान पतेई खालसा

कुलवंत सिंह पूर्व प्रधान पतेई खालसा– फोटो : JPNAGAR

प्रधान पति रामौतार सिंह सैनी पतेई खालसा

प्रधान पति रामौतार सिंह सैनी पतेई खालसा– फोटो : JPNAGAR

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