फिर से तूल पकड़ रहा Farmers Protest, संसद कूच को लेकर Rakesh Tikait ने दिया ये बयान

नई दिल्ली: नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों का प्रदर्शन (Farmers Protest) एक बार फिर तूल पकड़ने लगा है. आंदोलन के 7 महीने पूरे होने पर आज देशभर में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा खेती बचाओ-लोकतंत्र बचाओ दिवस मनाया गया. इस दौरान कृषि कानूनों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराते हुए किसान राज्यपालों से मिले और उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन दिया.

‘दिल्ली बगैर ट्रैक्टर के नहीं मानती’

इस दौरान भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा, ‘हमारे जिन पदाधिकारियों को पकड़ा हैं उन्हें या तो तिहाड़ जेल भेजो या फिर राज्यपाल से इनकी मुलाकात कराओ. हम आगे बताएंगे कि दिल्ली का क्या इलाज करना है. दिल्ली बगैर ट्रैक्टर के नहीं मानती है. लड़ाई कहां होगी, स्थान और समय क्या होगा यह तय कर बड़ी क्राांति होगी.’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘संसद तो किसानों का अस्पताल है. वहां हमारा इलाज होगा. हमें पता चला हैं कि किसानों का इलाज एम्स से अच्छा तो संसद में होता है. हम अपना इलाज वहां कराएंगे. जब भी दिल्ली जाएंगे हम संसद में जाएंगे.

भाजपा को सजा देनी चाहिए- SKM

आपको बताते चलें कि दिल्ली की अनेक सीमाओं पर करीब 40 किसान संगठन ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ (एसकेएम) के तहत प्रदर्शन कर रहे हैं. एसकेएम ने दावा किया कि हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश तथा तेलंगाना समेत कुछ राज्यों में प्रदर्शन के दौरान किसानों को हिरासत में लिया गया. इसके बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) के हालिया बयानों को हैरान करने वाले बताते हुए किसान संगठन ने कहा कि किसान नेता केंद्रीय कृषि कानूनों में निरर्थक संशोधन की मांग नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि लोगों को भाजपा को सजा देनी चाहिए.

किसानों ने रद्द किया प्रस्तावित दिल्ली मार्च

SKM की अनेक राज्यों के राज्यपालों को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपने की घोषणा के बाद राष्ट्रीय राजधानी और अन्य शहरों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी. उत्तर प्रदेश के दूरदराज के गांवों के सैकड़ों किसान दिल्ली सीमा पर गाजीपुर पहुंचे. इनमें से अनेक ट्रैक्टरों पर सवार थे. भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी किसानों के एक समूह ने उप राज्यपाल अनिल बैजल से ऑनलाइन बातचीत के बाद उत्तर पूर्व दिल्ली के पुलिस उपायुक्त कार्यालय में अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा. इस मुलाकात के बाद बीकेयू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि किसानों ने दिल्ली के अपने प्रस्तावित मार्च को रद्द कर दिया.

‘किसानों को आंदोलन समाप्त करना चाहिए’

वहीं कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने ट्वीट कर कहा, ‘किसानों को अपना आंदोलन समाप्त करना चाहिए. देश भर में कई लोग इन नए कानूनों के पक्ष में हैं. फिर भी, कुछ किसानों को कानूनों के प्रावधानों के साथ कुछ समस्या है. भारत सरकार उसे सुनने और उनके साथ चर्चा करने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि सरकार ने विरोध कर रहे किसान संघों के साथ 11 दौर की बातचीत की. सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ा दिया है, और एमएसपी पर अधिक मात्रा में खरीद कर रही है.’

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