देवास: पांच आदिवासियों की हत्या, 10 फीट गहरा गड्ढा कर दबाए शव, डेढ़ महीने बाद मिले कंकाल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 29 Jun 2021 11:08 PM IST

सार

देवास जिले के नेमावर में एक खेत में पांच लोगों के कंकाल मिले हैं। पांचों एक ही परिवार के थे और पिछले करीब डेढ़ महीने से लापता थे। पुलिस ने मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। 

देवास में खेत में गड़े मिले एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव
– फोटो : अमर उजाला

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मध्यप्रदेश के देवास दिले के नेमावर में बड़ा हत्याकांड सामने आया है। यहां पुलिस को एक खेत से पांच लोगों के कंकाल मिले। ये कंकाल एक ही आदिवासी परिवार के पांच सदस्यों के हैं, जो करीब डेढ़ महीने पहले लापता हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया। जानकारी के मुताबिक, पांचों लोगों को दबंगों ने हत्या करने के बाद खेत में 10 फीट गहरा गड्ढा करके दबा दिया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

यह है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, यह पूरी वारदात प्रेम प्रसंग के चलते अंजाम दी गई। पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह ने बताया कि पीथमपुर निवासी भारती ने 17 मई को मां ममता बाई समेत परिवार के पांच लोगों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि नेमावर निवासी हुकुम सिंह चौहान के 25 वर्षीय पोते सुरेंद्र का ममता की बेटी रूपाली से प्रेम प्रसंग चल रहा था। सुरेंद्र की शादी कहीं और तय हुई तो रूपाली अड़ंगा डालने लगी। ऐसे में सुरेंद्र ने रूपाली और उसके परिवार को ठिकाने लगाने के लिए सबकी हत्या कर दी। खेत के हाली की निशानदेही पर शव गड्ढे से बाहर निकाले गए, जो कंकाल बन गए थे। सुरेंद्र ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। 

मृतका का सोशल मीडिया अकाउंट चलाता रहा आरोपी
भारती ने बताया कि उनके पिता मोहन लाल इंदौर में मजदूरी करते हैं। वहीं, मां ममता, दो बहनें रूपाली व दिव्या, तीसरी बहन नीतू की बेटी पूजा और भाई पवन नेमावर बस स्टैंड के पास किराए के मकान में रहते थे। 13 मई की रात मां से फोन पर बात हुई। तब परिवार घर में ही था, लेकिन 17 मई को फोन लगाया तो बात नहीं हुई। ऐसे में भारती नेमावर पहुंची तो घर पर ताला लगा मिला। जब किसी का पता नहीं लगा तो थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। सुरेंद्र ने पूछताछ में बताया कि हत्या के बाद वह रूपाली का मोबाइल इस्तेमाल करता रहा। साथ ही, उसके सोशल मीडिया अकाउंट से मैसेज डालता था कि हम लोग ठीक हैं, सुरक्षित हैं।

ऐसे अंजाम दी थी वारदात
आरोपी ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने हत्या के बाद पांचों शव खेत में 10 फीट गहरा गड्ढा खोदकर दबा दिए। शव जल्दी सड़ जाएं, इसलिए गड्ढे में यूरिया खाद और नमक भी डाल दिया। 

विस्तार

मध्यप्रदेश के देवास दिले के नेमावर में बड़ा हत्याकांड सामने आया है। यहां पुलिस को एक खेत से पांच लोगों के कंकाल मिले। ये कंकाल एक ही आदिवासी परिवार के पांच सदस्यों के हैं, जो करीब डेढ़ महीने पहले लापता हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया। जानकारी के मुताबिक, पांचों लोगों को दबंगों ने हत्या करने के बाद खेत में 10 फीट गहरा गड्ढा करके दबा दिया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

यह है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, यह पूरी वारदात प्रेम प्रसंग के चलते अंजाम दी गई। पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह ने बताया कि पीथमपुर निवासी भारती ने 17 मई को मां ममता बाई समेत परिवार के पांच लोगों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि नेमावर निवासी हुकुम सिंह चौहान के 25 वर्षीय पोते सुरेंद्र का ममता की बेटी रूपाली से प्रेम प्रसंग चल रहा था। सुरेंद्र की शादी कहीं और तय हुई तो रूपाली अड़ंगा डालने लगी। ऐसे में सुरेंद्र ने रूपाली और उसके परिवार को ठिकाने लगाने के लिए सबकी हत्या कर दी। खेत के हाली की निशानदेही पर शव गड्ढे से बाहर निकाले गए, जो कंकाल बन गए थे। सुरेंद्र ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। 

मृतका का सोशल मीडिया अकाउंट चलाता रहा आरोपी

भारती ने बताया कि उनके पिता मोहन लाल इंदौर में मजदूरी करते हैं। वहीं, मां ममता, दो बहनें रूपाली व दिव्या, तीसरी बहन नीतू की बेटी पूजा और भाई पवन नेमावर बस स्टैंड के पास किराए के मकान में रहते थे। 13 मई की रात मां से फोन पर बात हुई। तब परिवार घर में ही था, लेकिन 17 मई को फोन लगाया तो बात नहीं हुई। ऐसे में भारती नेमावर पहुंची तो घर पर ताला लगा मिला। जब किसी का पता नहीं लगा तो थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। सुरेंद्र ने पूछताछ में बताया कि हत्या के बाद वह रूपाली का मोबाइल इस्तेमाल करता रहा। साथ ही, उसके सोशल मीडिया अकाउंट से मैसेज डालता था कि हम लोग ठीक हैं, सुरक्षित हैं।

ऐसे अंजाम दी थी वारदात

आरोपी ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने हत्या के बाद पांचों शव खेत में 10 फीट गहरा गड्ढा खोदकर दबा दिए। शव जल्दी सड़ जाएं, इसलिए गड्ढे में यूरिया खाद और नमक भी डाल दिया। 

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