योजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन जन-आकांक्षाओं के अनुरूप हो


योजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन जन-आकांक्षाओं के अनुरूप हो


आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण मुख्य लक्ष्य
देश व दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कार्यों का अध्ययन कर बनाएँ योजना
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने राज्य नीति एवं योजना आयोग की बैठक ली
 


भोपाल : मंगलवार, जून 29, 2021, 21:19 IST

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में देश व दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कार्यों का अध्ययन कर स्थानीय आवश्यकताओं एवं विशेषताओं के अनुरूप योजनाएँ बनाई जाए, उनके क्रियान्वयन एवं प्रभाव का स्वतंत्र विश्लेषण हो तथा उसके अनुरूप सुधार हों। योजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन जनआकांक्षाओं के अनुरूप हो।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा के अनुरूप आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण हमारे विकास का मूल लक्ष्य है। उसी को ध्यान में रखकर कार्य किए जाने हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में मध्य प्रदेश नीति एवं योजना आयोग की बैठक ले रहे थे। बैठक में वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा, आयोग के उपाध्यक्ष श्री सचिन चतुर्वेदी, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस तथा सभी सबंधित उपस्थित थे।

डाटा रिपोजिटरी बनाना आवश्यक

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में सांख्यिकी और डाटा प्रबंधन में सुधार एवं उसके बेहतर उपयोग के लिए डेटा कलsक्शन पर ध्यान देना होगा। प्रदेश में एक डाटा रिपोजिटरी बनाना आवश्यक है।

विकास के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की विकास आवश्यकताओं के लिए बजट के दायरे से बाहर अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने के प्रयास करने की आवश्यकता है। इसके लिए ऑफ बजट बौरोइंग, हाइब्रिट एन्युटी मॉडल, पीपीपी मोड आदि तरीके हो सकते हैं।

टूरिज्म का अधिकाधिक विकास

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में टूरिज्म की अपार संभावनाओं को देखते हुए यहाँ इसका अधिकाधिक विकास किया जाना चाहिए। इसके लिए वाइल्ड लाइफ टूरिज्म, रिलीजिअस टूरिज्म, बफर में सफर, फिल्म गतिविधियाँ को बढ़ावा, पर्यटन सर्किट विकास आदि प्रयास किए जा रहे हैं।

खेती म.प्र. की ताकत है

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि म.प्र. में कृषि की अपार संभावनाएँ हैं। मध्यप्रदेश देश का अन्न भंडार है, परन्तु यहाँ फसलों के विविधीकरण की आवश्यकता है। न केवल बाजार की मांग अनुरूप फसलें लगाई जाएं, बल्कि निर्यात को बढ़ावा देने के प्रयास भी होने चाहिए।

रोजगार सबसे बड़ी आवश्यकता

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज के समय में रोजगार सबसे बड़ी आवश्यकता है। शिक्षा के प्रसार के साथ रोजगार के अवसरों को अधिक से अधिक बढ़ाना होगा। इस प्रकार की योजनाएँ बनानी होंगी जिनसे अधिक से अधिक रोजगार मिलें। प्रदेश में प्रतिमाह 1 लाख रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।

मध्यप्रदेश औषधियों का खजाना

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश औषधियों का खजाना है। हमें इनका अधिक से अधिक उपयोग जन-स्वास्थ्य के लिए करना है। प्रदेश में परंपरागत चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

युवा शक्ति का रचनात्मक उपयोग

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की युवा शक्ति का रचनात्मक कार्यों एवं सही दिशा में उपयोग करना है। महिला स्व-सहायता समूहों को भी अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जाना है।

क्षेत्रीय संभावनाओं के अनुरूप उद्योगों के क्लस्टर

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में क्षेत्रीय संभावनाओं के अनुसार उद्योगों के क्लस्टर बनाए जाने हैं। प्रदेश में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना है तथा एक जिला एक उत्पाद जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को देश व विदेश में आगे बढ़ाना है।


पंकज मित्तल

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