रुचि सोया का लाभ पतंजलि अधिग्रहण के बाद बढ़कर हुआ 1018 करोड़, स्थापना के बाद अब तक का सर्वाधिक

बाबा रामदेव के स्वामित्व वाली पतंजलि की तरफ से रुचि सोया इंडस्ट्रीज लिमिटेड (रुचि सोया) का अधिग्रहण करने के बाद रुचि सोया का अधिग्रहण से लेकर अब तक का सर्वाधिक 1018 करोड़ रुपये EBITDA (EBITDA यानि वह लाभ जिसमें से ब्याज, टैक्स, मूल्यहास, और ऋण मुक्ति घटाया न गया हो) रहा. वित्तीय वर्ष 2021 में EBITDA में 122 फीसदी की वृद्धि के साथ यह 1.18.37 करोड़ रुपये हो गया. जो 1986 में इसकी स्थापना के बाद से अब तक का सर्वाधिक EBITDA है.

31 मार्च 2021 को खत्म हुए तिमाही में कंपनी का EBITDA 5.57 फीसदी बढ़कर 270.60 करोड़ रुपये हुआ जो साल-दर साल 272 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोत्तरी को दर्शाता है. एफएमसीजी में 24.35 फीसदी की वृद्धि के साथ राजस्व बढ़कर 16 हजार 383 करोड़ पर पहुंच गया. तिमाही के दौरान कंपनी की आय 51% बढ़कर 4859.5 करोड़ रुपये हो गई.

वित्तीय वर्ष में कंपनी का PAT 203% से ज्यादा बढ़कर 681 करोड़ रुपये हो गया, जबकि मार्च तिमाही में 314 करोड़ रुपये रहा, जो 38% की वृद्धि को दर्शाता है. कंपनी के एक बयान में कहा गया है कि रॉयल्टी व्यवस्था के तहत बेचे गए ब्रांडों सहित रुचि सोया के ब्रांडेड व्यवसाय वर्टिकल ने 3455.96 करोड़ की बिक्री की. 31 मार्च, 2021 को समाप्त तिमाही में 71.12 फीसदी का योगदान दिया है.

विस्तार-

पिछले महीने कंपनी ने पतंजलि नेचुरल बिस्कुट प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक व्यापार ट्रांसफर समझौते के अनुसार भारत में पतंजलि ब्रांड नाम के तहत बिस्कुट, कुकीज़, रस्क और अन्य संबद्ध बेकरी उत्पादों की मार्केटिंग शुरू की.

इस महीने की शुरुआत में कंपनी ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के साथ एक असाइनमेंट समझौते के अनुसार भारत में पतंजलि ब्रांड नाम के तहत ब्रेकफास्ट सेरियल्स, आटा (गेहूं) नूडल्स की मार्केटिंग शुरू की.

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