MP के स्कूल शिक्षा मंत्री अभिभावकों से बोले- आप लोगों को मरना है तो मर जाइए…

भोपाल. एमपी के स्कूल शिक्षा मंत्री (Minister of school education) इंदर सिंह परमार पर आज अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है. पेरेंट्स ने आरोप लगाया है कि मंत्री उनके साथ असभ्यता से पेश आए और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया. ये पेरेंट्स निजी स्कूलों (Private Schools) की मनमानी के खिलाफ शिकायत करने पहुंचे थे. पेरेंट्स का कहना है मंत्रीजी ने उनकी समस्या का समाधान तो किया नहीं, उल्टा ये बोले कि मरना है तो मर जाओ.

स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का हैरान कर देने वाला बयान सामने आया है. भोपाल में आज बड़ी संख्या में अभिभावक प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री से मिलने पहुंचे थे. ये लोग निजी स्कूलों की मनमानी की शिकायत करने गए थे. पेरेंट्स का कहना है बातचीत के दौरान मंत्री इंदर सिंह परमार अचानक गुस्से में आ गए. अभिभावकों पर आग बबूला हो कर उन्होंने कहा कि आप सभी को जहां भी शिकायत करनी है शिकायत कर दीजिए. आप लोगों को कोई आंदोलन करना है तो आंदोलन कर लीजिए.आप लोगों को मरना है तो मर जाइए.

नाराज हैं पेरेंट्स

पालक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल विश्वकर्मा का कहना है सभी अभिभावक मंत्री के व्यवहार और अभद्रता से आहत हैं. वो मंत्री के खिलाफ मानहानि का दावा करेंगे. अभिभावकों को उम्मीद थी कि स्कूल शिक्षा मंत्री समस्या का समाधान करेंगे. लेकिन मंत्री समस्या के समाधान की जगह निजी स्कूलों की मनमानी को और बढ़ावा दे रहे हैं. पालक महासंघ ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले पर संज्ञान लेने की गुहार लगाई है.

निजी स्कूलों की मनमानी से परेशान हैं अभिभावक
ऑनलाइन क्लासेस के बाद भी निजी स्कूलों की मनमानी जारी है. उच्च न्यायालय ने आदेश में कहा है कि कोरोना काल चलने तक निजी स्कूल अभिभावकों से केवल ट्यूशन फीस लें. बावजूद इसके निजी स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा निजी स्कूल दूसरी मदों से भी फीस वसूल रहे हैं. इन स्कूलों ने 30 से लेकर 50 फ़ीसदी तक फीस बढ़ा दी है. ऐसे में अभिभावक बिगड़ी हुई आर्थिक स्थिति के कारण निजी स्कूलों की मनमानी से परेशान है. पेरेंट्स यही शिकायत लेकर मंत्री से मिलने गए थे.

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