जम्मू-कश्मीर में ड्रोन हमले के बाद हाई अलर्ट, आतंकवाद के खिलाफ सफाई अभियान भी जारी

श्रीनगर: जम्मू में दोहरे ड्रोन हमले के बाद कश्मीर घाटी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और वहां आतंकवाद विरोधी अभियान भी तेज कर दिया गया है. इस बीच एनकाउंटर में कई आतंकी ढेर कर दिये गए हैं, तो एक आतंकी ने आत्मसमर्पण कर दिया.

कश्मीर में दो बड़े एनकाउंटर

कश्मीर में पिछले 48 घंटों में दो बड़े आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन हुए हैं. श्रीनगर के बाहरी इलाके में 28 जून को एक बड़े आतंकवाद विरोधी अभियान में दो आतंकवादी मारे गए थे. उन दोनों में एक लश्कर कमांडर नदीम अबरार भी था. सुरक्षा बलों ने 2AK राइफल सहित हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया. पुलिस ने पहले नदीम को गिरफ्तार किया और पूछताछ में उसने अपने ठिकाने के के बारे में खुलासा किया, जब ठिकाने पर छापा मारा गया, एक पाकिस्तानी आतंकवादी जिसे बाद में मुस्लिम भाई के रूप में पहचाना गया. इस बीच छापेमारी करने वाली पार्टी पर आतंकियों ने गोलीबारी की, जिसमें 3 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए और गोली बारी में आतंकवादी नदीम भी मारा गया.

आईजीपी विजय कुमार ने दिया बड़ा बयान

आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने कहा, ‘लवायपोरा हमले में नदीम अबरार शामिल था. अबरार कल उत्तरी कश्मीर से आ रहा था और उन्हें एक बड़ा हमला करना था. लेकिन हमने उन्हें पकड़ लिया. उन्होंने बताया कि मुस्लिम नाम के पाकिस्तानी आतंकवादी ने सेना पर फायरिंग की. नदीम और पाकिस्तानी आतंकी सुरक्षा बलों को निशाना बनाना चाहते थे. मैं अपनी सेना को बधाई देता हूं.

कुलगाम में दो आतंकी ढेर

वही आज आतंकवादियों की मौजूदगी की एक विशिष्ट सूचना के बाद जिला कुलगाम के ऊपरी इलाकों के चिम्मर इलाके में एक संयुक्त घेरा और तलाशी अभियान चलाया गया. जैसे ही तलाशी दल ने संदिग्ध स्थान की घेराबंदी की, छिपे हुए आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी की और जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने कहा कि उन्होंने दो अज्ञात आतंकवादियों को मार गिराया है और हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया है. इलाके में ऑपरेशन अभी जारी है.

हाई अलर्ट पर जम्मू-कश्मीर

इस बीच जम्मू में ड्रोन की घटनाओं के बाद जम्मू-कश्मीर को हाई अलर्ट पर रखा गया है. घाटी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सुरक्षाबलों ने हवाई अड्डों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर चर्चा के लिए श्रीनगर में एक उच्च स्तरीय आपातकालीन सुरक्षा बैठक की. बैठक में श्रीनगर स्थित सेना कोर कमांडर, जम्मू कश्मीर पुलिस आईजी, सीआरपीएफ प्रशासन और ऑपरेशन आईजी, बीएसएफ फ्रंटियर आईजी एनआईए के लोग शामिल थे. ड्रोन के तकनीकी खतरे का मुकाबला करने के लिए योजनाएं बनाई गईं. आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने कहा, “हमने सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ व्यापक सुरक्षा समीक्षा बैठक की है. यह एक तकनीकी खतरा है और हम इससे निपट रहे हैं. कल हमने इस पर 15 कोर मुख्यालय में एक बैठक की थी. हम पूरी तरह से तैयार हैं. हमने डल झील के आसपास एक ड्रोन देखा था जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है.

ड्रोन के इस्तेमाल पर लगाया गया बैन

कश्मीर में नियंत्रण रेखा से सटे सभी सुरक्षा प्रतिष्ठानों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. इसके अलावा सभी निजी ड्रोन ऑपरेटरों को ड्रोन चलाने के लिए पूर्व अनुमति लेने के लिए कहा गया है. सीमावर्ती जिले राजौरी में जिला प्रशासन ने ड्रोन/उड़ने वाली वस्तुओं के चलने, बिक्री/रखने, उपयोग और परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया है. 

पीएम मोदी की बैठक के बाद बढ़ी आतंकी घटनाएं

प्रधान मंत्री द्वारा सर्वदलीय बैठक की घोषणा के बाद से ही कश्मीर में हिंसा में वृद्धि देखी जा रही है. आतंकवादियों ने 22 जून को जम्मू-कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा के एक अधिकारी की उसके घर की एक स्थानीय मस्जिद के बाहर हत्या कर दी. 23 जून को एक दुकानदार की श्रीनगर के हब्बा कदल इलाके में की हत्या करदी गई. 24 जून की शाम बरबरशाह इलाके में सुरक्षाबलों पर एक ग्रेनेड फेंका गया, जिसमें एक नागरिक की मौत हो गई और 3 घायल हो गए. 

एसपीओ की आतंकियों ने कर दी हत्या

27 जून की रात को सर्वदलीय बैठक के बाद आतंकवादियों ने अपनी कार्रवाइयां जारी रखी, दक्षिण कश्मीर में पुलवामा जिले के त्राल इलाके में जैश आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर पूलिस के एसपीओ की उनके घर में घुसकर उनकी पत्नी और बेटी के साथ उनकी हत्या कर दी. जम्मू-कश्मीर पुलिस के एसपीओ की पहचान फैयाज अहमद के रूप में हुई है. पुलिस ने कहा कि घटना में शामिल जैश ए मोहम्मद के दो आतंकवादियों की पहचान कर ली गई है. एक स्थानीय है जबकि दूसरा विदेशी बताया जा रहा है. आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने कहा: त्राल में हमारे एसपीओ शहीद हो गए, जब उनकी पत्नी और बेटी उनके बचाव में आईं, तो उन्होंने उन्हें भी मार डाला. हमले के पीछे एक जैश पाकिस्तानी और स्थानीय आतंकवादी है’

1 आतंकी ढेर, एक ने किया आत्मसमर्पण

इस बीच, दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में हुई मुठभेड़ में 25 जून को एक आतंकवादी मारा गया, जबकि एक अन्य ने को मुठभेड़ के दौरान आत्मसमर्पण कर दिया. दोनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के थे. आत्मसमर्पण करने वाले आतंकवादी के पास से एक एके-56 राइफल बरामद हुई है. उन्होंने बताया कि एक आतंकवादी मारा गया और उसका शव मुठभेड़ स्थल से बरामद किया गया. इस बीच, दूसरे फंसे हुए आतंकवादी के परिवार के सदस्यों को आत्मसमर्पण करने के लिए मनाने के लिए मुठभेड़ स्थल पर बुलाया गया. यह पुलिस, सुरक्षाबलों के महान प्रयासों और अत्यधिक धैर्य की मिसाल है, फंसे आतंकवादी की पहचान बेमिनीपोरा निवासी मोहम्मद रमजान डार के बेटे साहिल रमजान डार के रूप में हुई, जो प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर से जुड़ा था. उसने आत्मसमर्पण कर दिया और संयुक्त सुरक्षाबलों के सामने हथियार डाल दिए. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, साहिल अहमद मार्च 2021 से सक्रिय था.

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