EXCLUSIVE: जानें, कैसे पाक‍िस्‍तान मॉडल और चीनी कनेक्‍शन टेरर फंड‍िंग के लिए कर रहा है आपसे साइबर ठगी

EXCLUSIVE: जानें, कैसे पाक‍िस्‍तान मॉडल और चीनी कनेक्‍शन टेरर फंड‍िंग के लिए कर रहा है आपसे साइबर ठगी

EXCLUSIVE: जानें, कैसे पाक‍िस्‍तान मॉडल और चीनी कनेक्‍शन टेरर फंड‍िंग के लिए कर रहा है आपसे साइबर ठगी
मध्‍य प्रदेश में साइबर पुलिस ने 2 दिनों पहले करोड़ों की ऑनलाइन ठगी के इंटरनेशनल रैकेट का पर्दाफाश किया था. इस रैकेट का पाकिस्तान और चीनी कनेक्शन सामने आया था. साइबर पुलिस की जांच अब टेरर फंडिंग के एंगल से भी की जा रही है. इसको लेकर स्टेट के साथ सेंट्रल एजेंसियों से जानकारी साझा की गई है. रैकेट के चीनी कनेक्शन की जांच भी की जा रही है. स्टेट साइबर चीफ ADG योगेश चौधरी ने बताया कि हमारी एजेंसी हर एंगल पर जांच कर रही है और सभी प्रोसेस को अपनाया जा रहा है.

पाकिस्तान वॉलेट में गए करोड़ों रुपए

क्रिप्टो करेंसी के जरिए पाकिस्तान में बैठे मॉड्यूल के वॉलेट में 2 महीने के अंदर 50 करोड़ की राशि पहुंची है. इस बात का खुलासा पहले ही साइबर पुलिस कर चुकी है, लेकिन इस राशि का इस्तेमाल किन कामों में हुआ और अभी तक और कितनी राशि इन पाकिस्तानी मॉड्यूल के वॉलेट में ट्रांसफर की गई. इसको लेकर जांच जारी है, लेकिन पाकिस्तानी मॉड्यूल का नाम सामने और उसका कनेक्शन जुड़ने की वजह से इस बात का भी पता लगाया जा रहा है की क्या इतनी बड़ी रकम का इस्तेमाल टेरर फंडिंग के लिए तो नहीं किया जा रहा था? इसलिए अब तमाम एजेंसी टेरर फंडिंग के एंगल से भी जांच कर रही है.

पांच मॉड्यूल कर रहे थे काम

इस रैकेट में पांच मॉडल काम कर रहे हैं. इनमें हरियाणा दिल्ली, गुजरात मॉड्यूल का खुलासा हो चुका है, जबकि पाकिस्तान के साथ चीनी मॉड्यूल के कनेक्शन की जांच चल रही है.

1- हरियाणा निवासी आरोपी एविक केडिया चार्टर्ड अकाउंटेंट है. आरोपी फर्म रजिस्टर करा कर बैंक में चालू खाता खुलवाना, फर्म खाते की डिटेल चीनी नागरिक को उपलब्ध कराता था.

2- दिल्ली निवासी आरोपी डोली मखीजा कंपनी सेक्रेटरी है. आरोपी रिश्तेदारों के नाम पर फर्म बनाकर और चालू खाता खुलवा कर संदिग्ध व्यक्तियों को धोखाधड़ी की राशि प्राप्त करने के लिए उपलब्ध कराता था.

3- तीसरा आरोपी राजकोट निवासी दिलीप पटेल है. यह आरोपी राजकोट की फर्म विक्टेक प्राइवेट लिमिटेड में प्राप्त राशि को बैंक से निकालकर अन्य खातों में ट्रांसफर कराने के साथ स्वयं के खातों में राशि प्राप्त कर वजीर एक्स में क्रिप्टो में ट्रांसफर कराता और धोखाधड़ी के लिए ईमेल बनाता था.

4- चौथा आरोपी दिल्ली निवासी विक्की मखीजा है. यह आरोपी फर्म के खातों में डायरेक्टर बनना और इन फर्मों को बेचकर राशि प्राप्त करता था.

5- आरोपी विजय शुक्ला निवासी मुंबई, विजय हरियाणा निवासी राजकोट और अन्य अज्ञात आरोपी फरार है जिनकी गिरफ्तारी के लिए साइबर पुलिस ने 10-10 हजार के इनाम की घोषणा की है.

6- आरोपियों के पास से 60 डिजिटल सिग्नेचर, तीन लैपटॉप, चार पेनड्राइव, एक मोबाइल फोन, क्रिप्टो ट्रेडिंग स्टेटमेंट, शैल फर्म से संबंधित दस्तावेज, उनकी सूची, लोगों के आधार कार्ड पैन कार्ड, डेबिट कार्ड ,बैंक की चेक बुक और अन्य दस्तावेजों को बरामद हुए हैं.

ये है पूरा मामला

16 मई को भोपाल के एक युवा व्यवसायी ने लिखित में शिकायत दर्ज कराई कि एक महिला से उसकी डेटिंग एप्लिकेशन Bumble के जरिए पहचान हुई. महिला ने मसालों में ट्रेडिंग के लिए फर्जी मॉलीशस वेब पेज विथ लाइव डैशबोर्ड सुझाया. इस लाइव वेब पेज के जरिए का काल्पनिक ट्रांजेक्शन दिखाया गया. इस फर्जी वेब पेज http://h20.gbull.shop पर आरोपियों ने आईडी उपलब्ध करा कर व्यवसायी से 5 फर्म के बैंक खातों ICICI, KOTAK, MAHINDRA में करीब एक करोड़ रुपए जमा कराए. शेल फर्म निर्मित कर चार्टर्ड अकाउंटेंट और कंपनी सेक्रेटरी आरोपियों को उनके चालू बैंक खाते उपलब्ध करा रहे थे. बैंक अकाउंट में आने वाली ठगी की राशि को भारत में विभिन्न राज्यों में उपलब्ध क्रिप्टो करेंसी के ट्रेडर्स के माध्यम से पाकिस्तान भेजा जा रहा था. भारतीय क्रिप्टोकरंसी करेंसी एक्सचेंज वजीरएक्स एवं केमेन आइलैंड टैक्‍स हैवन स्थित क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज बिनांस इसके माध्यम बने. राशि को USDT टीथर में परिवर्तित कर ट्रेड किया जा रहा था. इंडिया में बैठे आरोपी कंपनी रजिस्टर्ड कराकर और चालू खाते खुलवा कर धोखाधड़ी करने वाले विदेशी आरोपियों को हस्तांतरण किया जा रहा था.

ईमेल आईडी से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

भोपाल के व्यवसाई के साथ हुई एक करोड़ की ऑनलाइन ठगी के मामले की जांच करते हुए पांच संदिग्ध बैंक खातों और क्रिप्टो ट्रेडर्स के खातों को ब्लॉक कराया गया. इन खातों में 50 लाख से ज्यादा की राशि को फ्रिज कराई गई. बैंकों से मिली जानकारी का परीक्षण किया गया. आरोपियों की ईमेल आईडी के जरिए पुलिस उन तक पहुंच सकी.

बैंक अधिकारी भी जांच के दायरे में

अभी तक की जांच में 2 महीनों में करीब 50 करोड़का ट्रांजेक्शन सामने आया है. मध्यप्रदेश के इंदौर और भोपाल के अन्य शिकायतकर्ताओं से प्राप्त दो अन्य शिकायतों में भी 25 और 45 लाख की ठगी हुई है. बैंक में खाता खोलने की गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले बैंक अधिकारी भी विवेचना के दायरे में है. नोट-लाइव यू से मंगलवार साइबर फ्रॉड स्लग से विजुअल और स्टेट साइबर चीफ ADG योगेश चौधरी का वन टू वन आरएफसी में डंप हुआ है.

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