MP Information: 71 करोड़ का एमडी ड्रग्स मामला- बेहद शातिर है ये महिला ड्रग पैडलर, लॉकडाउन में भी खपाया करोड़ों का माल

MP Information: 71 करोड़ का एमडी ड्रग्स मामला- बेहद शातिर है ये महिला ड्रग पैडलर, लॉकडाउन में भी खपाया करोड़ों का माल

इंदौर. 71 करोड़ रुपए के एमडी ड्रग्स रैकेट में बड़ा खुलासा हुआ है. मुंबई की ड्रग पैडलर महजबीं शेख बेहद शातिर है. महिला और उसके तीन साथियों का रैकेट अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ था. महिला दुबई सहित कई देशों की यात्रा कर चुकी है. ये डार्क नेट के जरिए कई देशों में बड़े पैमाने पर एमडी ड्रग्स सप्लाई करती थी.

क्राइम ब्रांच ने चारों आरोपियों का 12 जुलाई तक रिमांड मिला है. पुलिस अब इनके बैंक खातों सहित सारी जानकारी निकाल रही है. ASP गुरु प्रसाद पाराशर ने बताया कि आरोपी महजबीं के इंटरनेशनल कनेक्शन सामने आने के बाद मामला बड़ा हो गया है. उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है. पुलिस ने बताया कि महजबीं शेख को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था, जब वह समुद्री रास्ते से दुबई भागने की फिराक में थी. क्योंकि, सलीम के पकड़े जाने के बाद उसे राज खुलने का डर था.

शातिराना तरीके से खपाई 40 करोड़ की ड्रग्स

जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने लॉकडाउन में 40 करोड़ की ड्रग्स मुंबई और दिल्ली में खपाई है. इस दौरान करीब 40 किलो ड्रग्स की खपत होने की बात सामने आई है. इनमें भी यही आरोपी महजबीं, सलीम चौधरी, जुबेर हलाई और अनवर लाला ही शामिल थे. बताया जा रहा है कि दवाओं के पैकेट में इन ड्रग्स को सप्लाई किया गया. चूंकि, लॉकडाउन में दवाएं जरूरी थीं और इनको लेकर किसी तरह की सख्ती नहीं थी, इसलिए यह ड्रग्स सप्लाई का काम आसान हो गया. आरोपी कई बार एसेंशियल सर्विस के नाम पर भी कार से माल लेकर आए.

इस तरह जुड़ते चले गए तार

पुलिस ने बताया कि इंदौर के रईसुद्दीन और महिला का आपस में कनेक्शन था. इसी आरोपी के जरिये ये सभी टेंट कारोबारी दिनेश अग्रवाल के रैकेट से जुड़े. टेंट कारोबारी दिनेश अग्रवाल का ड्राइवर अशफाक था, जिसे उसके एमडी ड्रग्स कारोबार की जानकारी थी. बाद में अशफाक के जरिए रईस सीधे अग्रवाल पिता-पुत्र से जुड़ा और ड्रग्स मुंबई में बेचने लगा.

ऐसे बनी ड्रग पैडलर

पुलिस ने महजबीं की कहानी भी बताई. महजबीं को महंगी गाड़ियों और महंगी लाइफस्टाइल का जबरदस्त शौक था. उसका घर मूल रूप से वड़ोदरा में है. गुजरात दंगों का उसके ऊपर काफी असर रहा. दंगों के बाद वह नानी के पास मुंबई चली आई. उसके दो निकाह हुए, लेकिन दोनों में ही उसकी शौहर से नहीं बनी. इसके बाद वह मुंबई में कपड़ों पर जरी-गोटे का काम करने लगी. फिर सिलाई का काम छोड़कर पब में काम करने लगी. यहीं से उसे एमडी ड्रग्स सप्लाई का रास्ता दिखा और उस पर पैसा कमाने की जुनून चढ़ गया.

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