Tuesday, December 7, 2021
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मध्य प्रदेश: जमीन के साथ-साथ पानी पर भी सोलर पैनल से बिजली बनाएंगे, ओंकारेश्वर बांध में होगा प्रयोग : Shivpurinews.in

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाजापुर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Thu, 25 Nov 2021 05:26 PM IST

सार

मुख्यमंत्री चौहान और केंद्रीय ऊर्जा और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने शाजापुर में 5 हजार 250 करोड़ रुपये की लागत के 1500 मेगा वॉट क्षमता वाले आगर, शाजापुर और नीमच के सौर ऊर्जा पार्क के क्रय अनुबंध पर हस्ताक्षर कर भूमि-पूजन किया।  
 

शाजापुर में मुख्यमंत्री चौहान और केंद्रीय मंत्री सिंह ने 1,500 मेगावॉट सोलर पावर प्लांट का भूमिपूजन किया।
– फोटो : अमर उजाला

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कहा कि मध्य प्रदेश अपनी बिजली की आधी जरूरतों को सौर ऊर्जा से पूरा करेगा। बिजली उत्पादन में हम आत्मनिर्भर बनने जा रहे हैं। छतरपुर में हम नई तकनीक के सोलर पावर प्लांट लगा रहे हैं। इस तकनीक से बिजली बनाकर उसे स्टोर किया जा सकेगा। ताकि जब जरूरत हो तब उसका उपयोग कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि हम जमीनों के अलावा पानी पर भी सोलर पैनल से बिजली बनाने की तैयारी में है। ओंकारेश्वर डैम में यह प्रयोग किया जाएगा। इस बांध का जलस्तर ज्यादा ऊपर-नीचे नहीं होता, इसे नियंत्रित किया जा सकता है। 

मुख्यमंत्री चौहान और केन्द्रीय ऊर्जा और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने गुरुवार को शाजापुर में 5 हजार 250 करोड़ रुपये की लागत के 1500 मेगावॉट क्षमता वाले आगर, शाजापुर और नीमच के सौर ऊर्जा पार्क के क्रय अनुबंध पर हस्ताक्षर कर भूमि-पूजन किया। उन्होंने निजी निवेशकों के साथ प्रधानमंत्री ‘कुसुम-अ’ योजना के अनुबंध पर भी हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री ने बिजली बचाने के उद्देश्य से चलाए जाने वाले ऊर्जा साक्षरता अभियान ‘ऊषा’ का शुभारंभ भी किया।

2030 तक 50% बिजली सोलर पैनल से बनाने की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2030 तक देश की ऊर्जा जरूरतों की 50% आपूर्ति सौर ऊर्जा से करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश में तय सीमा में इस लक्ष्य को हासिल करने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में प्रतिदिन 5 हजार 300 मेगा वॉट से अधिक सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। मध्यप्रदेश आज बिजली उत्पादन में आत्म-निर्भर है। प्रदेश में प्रतिदिन 22 हजार मेगावॉट बिजली का उत्पादन हो रहा है। राज्य सरकार पानी, कोयले, हवा और सूरज सभी माध्यमों से बिजली बना रही है।  

शिवराज ने यह भी कहा कि भारत 2030 तक 500 गीगावॉट नवकरणीय ऊर्जा क्षमता को विकसित करेगा। भारत 2030 तक अपने शुद्ध अनुमानित कार्बन उत्सर्जन में 1 बिलियन टन की कटौती करेगा। अर्थव्यवस्था से कार्बन उत्सर्जन में 45% से अधिक की कमी लाएगा। भारत नेट जीरो कार्बन एमिशन के लक्ष्य को प्राप्त करेगा। 

इसी कार्यक्रम में केंद्रीय ऊर्जा एवं नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने कहा कि सरकार ने हर गांव-हर घर तक बिजली पहुंचा दी है। यदि कोई घर छूट गया हो तो बता दें, वहां भी बिजली पहुंचा दी जाएगी। सरकार ने एक लाख 59 हजार किलोमीटर बिजली ग्रिड बनाई है। लेह, लद्दाख तक हर घर में बिजली पहुंचाई है। हमारी आज प्रतिदिन एक लाख 12 हजार मेगावॉट बिजली ट्रांसमिशन की क्षमता है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में गरीबों को 100 रुपए मासिक दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार हर वर्ष बिजली बिलों पर 21 हजार करोड़ रुपये का अनुदान दे रही है।

88 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण/भूमिपूजन
मुख्यमंत्री चौहान ने शाजापुर जिले के 88 करोड़ 66 लाख रुपये लागत के 89 कार्यों का लोकार्पण/भूमि-पूजन किया। इनमें जिले के 75 करोड़ 93 लाख रुपये लागत के 10 कार्यों शासकीय विधि महाविद्यालय भवन शाजापुर, संयुक्त तहसील कार्यालय भवन पोलायकलां एवं अवंतिपुर बड़ोदिया, शासकीय महाविद्यालय भवन मोमन बड़ोदिया, शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय रनायल, वन स्टॉप सेंटर भवन शाजापुर, पिपल्यागुर्जर बेराज, नवीन पुलिस थाना मोमन बड़ोदिया एवं डीलक्स सुलभ कॉम्पलेक्स का लोकार्पण और 12 करोड़ 73 लाख रुपये लागत से निर्मित होने वाले 13 कार्यों का भूमि-पूजन किया गया।

परियोजना से मार्च 2023 में शुरू होगा बिजली उत्पादन 
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग ने सौर परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1500 मेगावॉट की इन सौर परियोजनाओं में आगर जिले में 550 मेगावॉट की 2 यूनिट (350+200), शाजापुर जिले में 450 मेगावॉट की 3 यूनिट (105+220+125) और नीमच जिले में 500 मेगावॉट की क्षमता की 3 यूनिट (170+160+170 मेगावॉट) स्थापित की जाएंगी। परियोजनाओं से मार्च 2023 में बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा।

 

विस्तार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कहा कि मध्य प्रदेश अपनी बिजली की आधी जरूरतों को सौर ऊर्जा से पूरा करेगा। बिजली उत्पादन में हम आत्मनिर्भर बनने जा रहे हैं। छतरपुर में हम नई तकनीक के सोलर पावर प्लांट लगा रहे हैं। इस तकनीक से बिजली बनाकर उसे स्टोर किया जा सकेगा। ताकि जब जरूरत हो तब उसका उपयोग कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि हम जमीनों के अलावा पानी पर भी सोलर पैनल से बिजली बनाने की तैयारी में है। ओंकारेश्वर डैम में यह प्रयोग किया जाएगा। इस बांध का जलस्तर ज्यादा ऊपर-नीचे नहीं होता, इसे नियंत्रित किया जा सकता है। 

मुख्यमंत्री चौहान और केन्द्रीय ऊर्जा और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने गुरुवार को शाजापुर में 5 हजार 250 करोड़ रुपये की लागत के 1500 मेगावॉट क्षमता वाले आगर, शाजापुर और नीमच के सौर ऊर्जा पार्क के क्रय अनुबंध पर हस्ताक्षर कर भूमि-पूजन किया। उन्होंने निजी निवेशकों के साथ प्रधानमंत्री ‘कुसुम-अ’ योजना के अनुबंध पर भी हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री ने बिजली बचाने के उद्देश्य से चलाए जाने वाले ऊर्जा साक्षरता अभियान ‘ऊषा’ का शुभारंभ भी किया।

2030 तक 50% बिजली सोलर पैनल से बनाने की योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2030 तक देश की ऊर्जा जरूरतों की 50% आपूर्ति सौर ऊर्जा से करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश में तय सीमा में इस लक्ष्य को हासिल करने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में प्रतिदिन 5 हजार 300 मेगा वॉट से अधिक सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। मध्यप्रदेश आज बिजली उत्पादन में आत्म-निर्भर है। प्रदेश में प्रतिदिन 22 हजार मेगावॉट बिजली का उत्पादन हो रहा है। राज्य सरकार पानी, कोयले, हवा और सूरज सभी माध्यमों से बिजली बना रही है।  

शिवराज ने यह भी कहा कि भारत 2030 तक 500 गीगावॉट नवकरणीय ऊर्जा क्षमता को विकसित करेगा। भारत 2030 तक अपने शुद्ध अनुमानित कार्बन उत्सर्जन में 1 बिलियन टन की कटौती करेगा। अर्थव्यवस्था से कार्बन उत्सर्जन में 45% से अधिक की कमी लाएगा। भारत नेट जीरो कार्बन एमिशन के लक्ष्य को प्राप्त करेगा। 

इसी कार्यक्रम में केंद्रीय ऊर्जा एवं नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने कहा कि सरकार ने हर गांव-हर घर तक बिजली पहुंचा दी है। यदि कोई घर छूट गया हो तो बता दें, वहां भी बिजली पहुंचा दी जाएगी। सरकार ने एक लाख 59 हजार किलोमीटर बिजली ग्रिड बनाई है। लेह, लद्दाख तक हर घर में बिजली पहुंचाई है। हमारी आज प्रतिदिन एक लाख 12 हजार मेगावॉट बिजली ट्रांसमिशन की क्षमता है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में गरीबों को 100 रुपए मासिक दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार हर वर्ष बिजली बिलों पर 21 हजार करोड़ रुपये का अनुदान दे रही है।

88 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण/भूमिपूजन

मुख्यमंत्री चौहान ने शाजापुर जिले के 88 करोड़ 66 लाख रुपये लागत के 89 कार्यों का लोकार्पण/भूमि-पूजन किया। इनमें जिले के 75 करोड़ 93 लाख रुपये लागत के 10 कार्यों शासकीय विधि महाविद्यालय भवन शाजापुर, संयुक्त तहसील कार्यालय भवन पोलायकलां एवं अवंतिपुर बड़ोदिया, शासकीय महाविद्यालय भवन मोमन बड़ोदिया, शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय रनायल, वन स्टॉप सेंटर भवन शाजापुर, पिपल्यागुर्जर बेराज, नवीन पुलिस थाना मोमन बड़ोदिया एवं डीलक्स सुलभ कॉम्पलेक्स का लोकार्पण और 12 करोड़ 73 लाख रुपये लागत से निर्मित होने वाले 13 कार्यों का भूमि-पूजन किया गया।

परियोजना से मार्च 2023 में शुरू होगा बिजली उत्पादन 

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग ने सौर परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1500 मेगावॉट की इन सौर परियोजनाओं में आगर जिले में 550 मेगावॉट की 2 यूनिट (350+200), शाजापुर जिले में 450 मेगावॉट की 3 यूनिट (105+220+125) और नीमच जिले में 500 मेगावॉट की क्षमता की 3 यूनिट (170+160+170 मेगावॉट) स्थापित की जाएंगी। परियोजनाओं से मार्च 2023 में बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा।

 

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