Saturday, November 27, 2021
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रीवा: पाठ्य पुस्तक निगम के अधिकारी ने 15 लाख का लाभ देने के लिए मांगी 2 लाख रुपये की घूस; रंगे हाथों गिरफ्तार : Shivpurinews.in

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Fri, 26 Nov 2021 02:20 PM IST

सार

मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम में रीवा में पदस्थ डिपो मैनेजर आरसी मिश्रा को लोकायुक्त पुलिस ने 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। 2 लाख रुपये की रिश्वत राशि में 1.7 लाख रुपये वह पहले ले चुका था। 
 

RC Mishra Rewa
– फोटो : अमर उजाला

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रीवा लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के रीवा डिपो मैनेजर आरसी मिश्रा को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों  पकड़ा है। मिश्रा ने मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के भोपाल में पदस्थ सहायक वित्त अधिकारी राहुल खरे के साथ मिलकर एक कर्मचारी को सातवें वेतनमान का लाभ और द्वितीय क्रमोन्नति का लाभ देने के लिए दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। इस संबंध में 1.70 लाख रुपये की घूस पहले ही दी जा चुकी है। शेष 30 हजार रुपये प्राप्त करते समय लोकायुक्त ने मिश्रा को पकड़ा है। 

रीवा के संजय नगर निवासी नरेंद्र कुमार मिश्रा ने लोकायुक्त को शिकायत की थी कि मिश्रा और खरे उससे रिश्वत मांग रहे हैं। उसके बिना न तो सातवें वेतनमान का लाभ मिलेगा और न ही 2017 से द्वितीय क्रमोन्नति। इसका कुल 15 लाख रुपये का बिल है। दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। इसमें से 1.7 लाख रुपये की घूस दी जा चुकी है। इस पर एसपी गोपाल सिंह धाकड़ के मार्गदर्शन में टीम बनाई गई। योजना बनी कि शेष 30 हजार रुपये की घूस देते समय ट्रैप किया जाएगा। शुक्रवार को जैसे ही नरेंद्र कुमार मिश्रा ने आरसी मिश्रा को 30 हजार रुपये की बची हुई घूस की राशि दी, लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। इस कार्यवाही में प्रवीण सिंह परिहार उप-पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में निरीक्षक प्रमेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक आकांक्षा पांडे, प्रधान आरक्षक मुकेश मिश्रा, पवन पांडेय, धर्मेंद्र जायसवाल, प्रेम सिंह, लवलेश पांडे, शाहिद खान सहित 15 सदस्यों की टीम शामिल रही।  

विस्तार

रीवा लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के रीवा डिपो मैनेजर आरसी मिश्रा को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों  पकड़ा है। मिश्रा ने मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के भोपाल में पदस्थ सहायक वित्त अधिकारी राहुल खरे के साथ मिलकर एक कर्मचारी को सातवें वेतनमान का लाभ और द्वितीय क्रमोन्नति का लाभ देने के लिए दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। इस संबंध में 1.70 लाख रुपये की घूस पहले ही दी जा चुकी है। शेष 30 हजार रुपये प्राप्त करते समय लोकायुक्त ने मिश्रा को पकड़ा है। 

रीवा के संजय नगर निवासी नरेंद्र कुमार मिश्रा ने लोकायुक्त को शिकायत की थी कि मिश्रा और खरे उससे रिश्वत मांग रहे हैं। उसके बिना न तो सातवें वेतनमान का लाभ मिलेगा और न ही 2017 से द्वितीय क्रमोन्नति। इसका कुल 15 लाख रुपये का बिल है। दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। इसमें से 1.7 लाख रुपये की घूस दी जा चुकी है। इस पर एसपी गोपाल सिंह धाकड़ के मार्गदर्शन में टीम बनाई गई। योजना बनी कि शेष 30 हजार रुपये की घूस देते समय ट्रैप किया जाएगा। शुक्रवार को जैसे ही नरेंद्र कुमार मिश्रा ने आरसी मिश्रा को 30 हजार रुपये की बची हुई घूस की राशि दी, लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। इस कार्यवाही में प्रवीण सिंह परिहार उप-पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में निरीक्षक प्रमेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक आकांक्षा पांडे, प्रधान आरक्षक मुकेश मिश्रा, पवन पांडेय, धर्मेंद्र जायसवाल, प्रेम सिंह, लवलेश पांडे, शाहिद खान सहित 15 सदस्यों की टीम शामिल रही।  

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